Sunday, 4 April 2010

KNOWING DOES NOT MEAN DOING IT

Every one can debate and write well on any theme or subject matters, but how many of us grasp, absorb and practice it in our lives. Millions of scriptures and books are available with loads and loads of information, elucidation and illustrations, But reading does not imbibe inside to an extent of its activation.

Take a little example, every one is aware of that telling a lie is sin, but how many of us knowingly don’t lie? From younger to older every one tells innumerable lies, though many moral stories are taught since childhood but Do we make submission to it? Realize its importance? Embark it in our activities? Emboss in our life? Make a sincere effort to adorn it in our life? A BIG BIG NO!!! we even don’t have time to think over it! Many good things we are aware of, we read it, learn it and keep aside on papers only but we don’t channelize and adapt it in our lives.

Similarly, By reading and learning only divine god can not be achieved and experienced. The one, who has witnessed, experienced, practiced and adorned with, can only tell about divine power, the supreme of universe and the skill of practicing it. Dhyana, yoga, meditations, Gyana are such sensitive and important issues which should not be practiced without Guru.

A LITTLE KNOWLEDGE IS A DANGEROUS THING, IF YOU WANT TO LEARN ANY THING, LEARN IT AND MASTER ON IT BY A MASTER ONLY!!……………………..

The Saint of present time period is beyond the measures of recognitions

A man has born and bred few conceptions on the basis of worldly measurement scale, on that account a saint of present time period is difficult to recognize. Possibly a saint may not hold any of the qualities matching with our conceptions, still the legend subsists a True Saint, because the qualities of a true saint can not be weighed with the measuring weights of our eating habits, way of living, conduct and temperament i.e. the worldly attitude. A true saint is quite unique in his qualities. The body language, conduct or behavior of the personage might be similar to a common man still can be called a Saint on the basis of one quality that he lives each and every moment of life with sobriety and cautiousness along with holds a plentiful of capability to teach the same skill to inquisitive minds, which enlightens their lives.

A true saint is quite efficient in right utilization of each and every moment of his life without getting it wasted. The personage is proficient in preserving the pearls of precious breath with full cautiousness, not only that The Saint of existing time has a capability to teach the same art in an easy manner so that the learners may get enlightened with the true purpose of their lives.

सूर्य और शनि का षडाष्टक योग

सूर्य और शनि का षडाष्टक योग
14 अप्रैल को सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेगा। 14 अप्रैल से लेकर 14 मई तक की अवधि तक बैसाख अधिक मास रहेगा। इस समय में कोई भी शुभ कार्य करना शास्त्रोक्त दृष्टि से वर्जित माना गया है। जैसे- विवाह, गृह आरंभ, नवीन गृह प्रवेश, मुंडन, भूमि, भवन, वाहन आदि खरीदना वर्जित माना जाता है। यह समय पवित्र स्नान, व्रत, दान व पूजन आदि के लिए शुभ माना जाता है। इस महीने में किया गया दान पुण्य का अक्षय फल प्राप्त होता है। इस महीने में श्रद्धा पूर्वक व्रत नियमों का पालन करते हुए भगवान विष्णु की अराधना की जाए तो जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है और अनिष्ट दूर हो जाते हैं।

परंतु 14 अप्रैल को सूर्य ज्यों ही अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेगा। कन्या राशि में गोचर कर रहे शनि के साथ षडाष्टक संबंध स्थापित करेगा।
द्वादश राशियों पर सूर्य शनि के षडाष्टक का प्रभाव

मेष राशि:-

मेष राशि वालों के लिए यह षडाष्टक संबंध अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
कोर्ट-कचहरी के मसले निपटेंगे।
सरकारी समस्याओं का निवारण होगा।
सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
उपाय

हर रोज नियमित घी का दीपक जलाकर सुंदर कांड का पाठ करें।
श्रद्धानुसार साबुत मसूर जरूरतमंद और गरीब व्यक्ति को दान में दें।
वृषभ राशि:-

वृषभ राशि वालों के सूर्य और शनि का षडाष्टक संबंध सावधानी का संकेत दे रहा है।
अनावश्यक खर्चों पर काबू रखना होगा।
संतान पक्ष मानसिक पीड़ा का कारण बनेगा।
इस समय में किया गया कारोबार में परिवर्तन नुकसानदायक साबित होगा।
उपाय

अपने घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर पांच पाठ शिव महिम् स्तोत्र का पाठ करें या सुनें।
अपने वजन के बराबर ज्वार गौशाला में दान दें।
मिथुन राशि:-

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक संबंध लाभदायक रहेगा।
अनुकूल व्यावसायिक संबंध बनेंगे।
कारोबार में लाभप्रद स्थिति बनेगी।
नए कारोबारी संबंध बनेंगे।
परंतु किसी भी वस्तु को खरीदने और बेचने में विशेष सावधानी बरतनी होगी।
पारिवारिक कलह की प्रबल संभावना है, सावधानी बरतनी होगी।
उपाय

अपने घर में सुबह-शाम घी का दीपक जलाकर नारायण कवच का पांच पाठ स्वयं करें या सदाचारी ब्राह्मण से सुनें।
गरीब कन्याओं को हरे वस्त्र व हरी चीजों का दान देना कल्याणकारी होगा।

कर्क राशि:-

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग अनुकूल व सफलतादायक रहेगा।
कारोबार के दृष्टिकोण से अनुकूल स्थिति बनेगी।
घर परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।
लाभ मार्ग प्रशस्त होगा।
राजनीतिक वर्चस्व बढ़ेगा।
सरकार से लाभ मिलेगा।
धार्मिक यात्राओं का योग भी नजर आ रहा है।

उपाय

हर रोज सुबह और शाम को भगवान शिव की आराधना करें और पांच माला लघु मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
अपने वजन के बराबर दूध की खीर बनाकर हर सोमवार को गरीब कन्याओं को खिलाएं।

सिंह राशि:-

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ी सी सावधानी बरतने का है।
अनावश्यक वाद-विवाद से दूर रहें।
कारोबार में कोई परिवर्तन नहीं करें।
पिता और पुत्र में मन मुटाव नहीं हो इस बात पर विशेष ध्यान दें।
यात्रा में नुकसान की संभावना भी नजर आ रही है।
उपाय

हर रोज सुबह और शाम घी का दीपक जलाकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
गरीब और जरूरतमंद बच्चों को वस्त्रों का दान करें।
कन्या राशि:-

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ी सी कठिनाई देगा।
व्यवसाय में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
पैतृक संपत्ति के मामले उलझेंगे।
इस दौरान किया गया पूंजी निवेश हानिकारक रहेगा।
स्वास्थ्य के प्रति भी सावधान रहना होगा।
उपाय

इस पूरे महीने घर में घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
गौशाला या किन्नर को साबुत हरे मूंग दान करना अच्छा रहेगा।
तुला राशि:-

तुला राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग मिलाजुला रहेगा।
व्यावसायिक स्थिति अनुकूल रहेगी।
रुके हुए धन की प्राप्ति होगी।
परंतु साझेदारी के काम में हानि की संभावना नजर आ रही है।
दांपत्य संबंधों में दरार पड़ सकती है इस पर विशेष ध्यान दें।
कार्य परिवर्तन की इच्छा बनेगी, परंतु यह परिवर्तन तकलीफदायक रहेगा।
उपाय

घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर सुबह-शाम ऊं नमो भगवते वासुदेवाय: नम: की पांच माला जाप करें।
कुष्ठ रोगियों को श्रद्धानुसार चावल का दान दें।
वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग लाभदायक रहेगा।
अनुकूल कारोबारी संबंध बनेंगे।
आयात-निर्यात की स्थिति में सुदृढ़ता आएगी।
पारिवारिक रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी।
धन लाभ के स्रोत बढ़ेंगे।
इन दिनों में किया गया पूंजी निवेश अति अनुकूल व लाभकारी रहेगा।
उपाय

घर में चौमुखा चमेली के तेल का दीपक जलाकर श्रद्धानुसार हनुमान बाहुक एवं संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें।
हर मंगलवार को बूंदी के श्रद्धानुसार लड्डू गरीब कन्याओं में बांटें एवं लाल वस्त्रों का दान दें।

सिंह राशि:-

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ी सी सावधानी बरतने का है।
अनावश्यक वाद-विवाद से दूर रहें।
कारोबार में कोई परिवर्तन नहीं करें।
पिता और पुत्र में मन मुटाव नहीं हो इस बात पर विशेष ध्यान दें।
यात्रा में नुकसान की संभावना भी नजर आ रही है।
उपाय

हर रोज सुबह और शाम घी का दीपक जलाकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
गरीब और जरूरतमंद बच्चों को वस्त्रों का दान करें।
कन्या राशि:-

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ी सी कठिनाई देगा।
व्यवसाय में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
पैतृक संपत्ति के मामले उलझेंगे।
इस दौरान किया गया पूंजी निवेश हानिकारक रहेगा।
स्वास्थ्य के प्रति भी सावधान रहना होगा।
उपाय

इस पूरे महीने घर में घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
गौशाला या किन्नर को साबुत हरे मूंग दान करना अच्छा रहेगा।
तुला राशि:-

तुला राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग मिलाजुला रहेगा।
व्यावसायिक स्थिति अनुकूल रहेगी।
रुके हुए धन की प्राप्ति होगी।
परंतु साझेदारी के काम में हानि की संभावना नजर आ रही है।
दांपत्य संबंधों में दरार पड़ सकती है इस पर विशेष ध्यान दें।
कार्य परिवर्तन की इच्छा बनेगी, परंतु यह परिवर्तन तकलीफदायक रहेगा।
उपाय

घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर सुबह-शाम ऊं नमो भगवते वासुदेवाय: नम: की पांच माला जाप करें।
कुष्ठ रोगियों को श्रद्धानुसार चावल का दान दें।
वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग लाभदायक रहेगा।
अनुकूल कारोबारी संबंध बनेंगे।
आयात-निर्यात की स्थिति में सुदृढ़ता आएगी।
पारिवारिक रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी।
धन लाभ के स्रोत बढ़ेंगे।
इन दिनों में किया गया पूंजी निवेश अति अनुकूल व लाभकारी रहेगा।
उपाय

घर में चौमुखा चमेली के तेल का दीपक जलाकर श्रद्धानुसार हनुमान बाहुक एवं संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें।
हर मंगलवार को बूंदी के श्रद्धानुसार लड्डू गरीब कन्याओं में बांटें एवं लाल वस्त्रों का दान दें।
धनु राशि:-

धनु राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग सामान्य रहेगा।
किए गए परिश्रम अनुकूल फल देंगे।
रोजगार संबंधी समस्याओं का निवारण होगा।
लेन-देन के मसले निपटेंगे।
परंतु संतान पक्ष को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ेगी।
उपाय


घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर सुबह-शाम विष्णु सहस्रनाम का पांच पाठ करें।
गाय को हल्दी में रंगे हुए पीले आलू खिलाना लाभकारी रहेगा।
मकर राशि:-

मकर राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग अनुकूल और लाभदायक रहेगा।
साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी।
अनावश्यक कारोबारी समस्याओं का निवारण होगा।
मनोनुकूल कार्य बनेंगे।
कारोबार में धन लाभ की स्थिति अनुकूल रहेगी।
पारिवारिक वातावरण सकून भरा रहेगा।
अकस्मात धन के साधन उपलब्ध होंगे।
उपाय

घर में सुबह-शाम सरसों के तेल का दीपक जलाकर दशरथकृत शनि स्तोत्र का सात बार पाठ करें।
मिट्टी के बरतन में मशरुम भरकर चुपचाप मंदिर में रखकर आ जाए।
कुंभ राशि:-

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ा सा सावधानी का है।
कारोबार में विशेष ध्यान देना होगा।
पारिवारिक जिम्मेदारियां एवं रिश्तों की कद्र करनी होगी।
नए पूंजी निवेश से बचना होगा।
संभव हो तो लंबी यात्रा पर न जाए।
परंतु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निवारण होगा।
गुजारे लायक धन की प्राप्ति होती रहेगी।
उपाय

1. हर रोज घर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर सुबह-शाम शनि मृत्युंजय स्तोत्र एवं शनि कवच का एक-एक पाठ करें।
2. श्रद्धानुसार साबुत उड़द कुष्ठ रोगी या गौशाला में दान दें।
मीन राशि:-

मीन राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग सुखद रहेगा।
किए गए प्रयास सफल होंगे।
नवीन कार्य योजनाएं बनेगी।
व्यवसाय में अनुकूल सफलता हासिल होगी।
साझेदारी कार्य में लाभ होगा।
दांपत्य जीवन में अनुकूलता आएगी।
उपाय

घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर पुरुष सूक्त या श्रीसूक्त का पाठ करें या सदाचारी ब्राह्मण से सुनें।
चने की दाल या बेसन के लड्डू श्रद्धानुसार गाय को खिलाएं।

सूर्य और शनि का षडाष्टक योग

सूर्य और शनि का षडाष्टक योग
14 अप्रैल को सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेगा। 14 अप्रैल से लेकर 14 मई तक की अवधि तक बैसाख अधिक मास रहेगा। इस समय में कोई भी शुभ कार्य करना शास्त्रोक्त दृष्टि से वर्जित माना गया है। जैसे- विवाह, गृह आरंभ, नवीन गृह प्रवेश, मुंडन, भूमि, भवन, वाहन आदि खरीदना वर्जित माना जाता है। यह समय पवित्र स्नान, व्रत, दान व पूजन आदि के लिए शुभ माना जाता है। इस महीने में किया गया दान पुण्य का अक्षय फल प्राप्त होता है। इस महीने में श्रद्धा पूर्वक व्रत नियमों का पालन करते हुए भगवान विष्णु की अराधना की जाए तो जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है और अनिष्ट दूर हो जाते हैं।

परंतु 14 अप्रैल को सूर्य ज्यों ही अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेगा। कन्या राशि में गोचर कर रहे शनि के साथ षडाष्टक संबंध स्थापित करेगा।
द्वादश राशियों पर सूर्य शनि के षडाष्टक का प्रभाव

मेष राशि:-

मेष राशि वालों के लिए यह षडाष्टक संबंध अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
कोर्ट-कचहरी के मसले निपटेंगे।
सरकारी समस्याओं का निवारण होगा।
सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
उपाय

हर रोज नियमित घी का दीपक जलाकर सुंदर कांड का पाठ करें।
श्रद्धानुसार साबुत मसूर जरूरतमंद और गरीब व्यक्ति को दान में दें।
वृषभ राशि:-

वृषभ राशि वालों के सूर्य और शनि का षडाष्टक संबंध सावधानी का संकेत दे रहा है।
अनावश्यक खर्चों पर काबू रखना होगा।
संतान पक्ष मानसिक पीड़ा का कारण बनेगा।
इस समय में किया गया कारोबार में परिवर्तन नुकसानदायक साबित होगा।
उपाय

अपने घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर पांच पाठ शिव महिम् स्तोत्र का पाठ करें या सुनें।
अपने वजन के बराबर ज्वार गौशाला में दान दें।
मिथुन राशि:-

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक संबंध लाभदायक रहेगा।
अनुकूल व्यावसायिक संबंध बनेंगे।
कारोबार में लाभप्रद स्थिति बनेगी।
नए कारोबारी संबंध बनेंगे।
परंतु किसी भी वस्तु को खरीदने और बेचने में विशेष सावधानी बरतनी होगी।
पारिवारिक कलह की प्रबल संभावना है, सावधानी बरतनी होगी।
उपाय

अपने घर में सुबह-शाम घी का दीपक जलाकर नारायण कवच का पांच पाठ स्वयं करें या सदाचारी ब्राह्मण से सुनें।
गरीब कन्याओं को हरे वस्त्र व हरी चीजों का दान देना कल्याणकारी होगा।

कर्क राशि:-

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग अनुकूल व सफलतादायक रहेगा।
कारोबार के दृष्टिकोण से अनुकूल स्थिति बनेगी।
घर परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।
लाभ मार्ग प्रशस्त होगा।
राजनीतिक वर्चस्व बढ़ेगा।
सरकार से लाभ मिलेगा।
धार्मिक यात्राओं का योग भी नजर आ रहा है।

उपाय

हर रोज सुबह और शाम को भगवान शिव की आराधना करें और पांच माला लघु मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
अपने वजन के बराबर दूध की खीर बनाकर हर सोमवार को गरीब कन्याओं को खिलाएं।

सिंह राशि:-

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ी सी सावधानी बरतने का है।
अनावश्यक वाद-विवाद से दूर रहें।
कारोबार में कोई परिवर्तन नहीं करें।
पिता और पुत्र में मन मुटाव नहीं हो इस बात पर विशेष ध्यान दें।
यात्रा में नुकसान की संभावना भी नजर आ रही है।
उपाय

हर रोज सुबह और शाम घी का दीपक जलाकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
गरीब और जरूरतमंद बच्चों को वस्त्रों का दान करें।
कन्या राशि:-

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ी सी कठिनाई देगा।
व्यवसाय में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
पैतृक संपत्ति के मामले उलझेंगे।
इस दौरान किया गया पूंजी निवेश हानिकारक रहेगा।
स्वास्थ्य के प्रति भी सावधान रहना होगा।
उपाय

इस पूरे महीने घर में घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
गौशाला या किन्नर को साबुत हरे मूंग दान करना अच्छा रहेगा।
तुला राशि:-

तुला राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग मिलाजुला रहेगा।
व्यावसायिक स्थिति अनुकूल रहेगी।
रुके हुए धन की प्राप्ति होगी।
परंतु साझेदारी के काम में हानि की संभावना नजर आ रही है।
दांपत्य संबंधों में दरार पड़ सकती है इस पर विशेष ध्यान दें।
कार्य परिवर्तन की इच्छा बनेगी, परंतु यह परिवर्तन तकलीफदायक रहेगा।
उपाय

घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर सुबह-शाम ऊं नमो भगवते वासुदेवाय: नम: की पांच माला जाप करें।
कुष्ठ रोगियों को श्रद्धानुसार चावल का दान दें।
वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग लाभदायक रहेगा।
अनुकूल कारोबारी संबंध बनेंगे।
आयात-निर्यात की स्थिति में सुदृढ़ता आएगी।
पारिवारिक रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी।
धन लाभ के स्रोत बढ़ेंगे।
इन दिनों में किया गया पूंजी निवेश अति अनुकूल व लाभकारी रहेगा।
उपाय

घर में चौमुखा चमेली के तेल का दीपक जलाकर श्रद्धानुसार हनुमान बाहुक एवं संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें।
हर मंगलवार को बूंदी के श्रद्धानुसार लड्डू गरीब कन्याओं में बांटें एवं लाल वस्त्रों का दान दें।

सिंह राशि:-

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ी सी सावधानी बरतने का है।
अनावश्यक वाद-विवाद से दूर रहें।
कारोबार में कोई परिवर्तन नहीं करें।
पिता और पुत्र में मन मुटाव नहीं हो इस बात पर विशेष ध्यान दें।
यात्रा में नुकसान की संभावना भी नजर आ रही है।
उपाय

हर रोज सुबह और शाम घी का दीपक जलाकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
गरीब और जरूरतमंद बच्चों को वस्त्रों का दान करें।
कन्या राशि:-

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ी सी कठिनाई देगा।
व्यवसाय में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
पैतृक संपत्ति के मामले उलझेंगे।
इस दौरान किया गया पूंजी निवेश हानिकारक रहेगा।
स्वास्थ्य के प्रति भी सावधान रहना होगा।
उपाय

इस पूरे महीने घर में घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
गौशाला या किन्नर को साबुत हरे मूंग दान करना अच्छा रहेगा।
तुला राशि:-

तुला राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग मिलाजुला रहेगा।
व्यावसायिक स्थिति अनुकूल रहेगी।
रुके हुए धन की प्राप्ति होगी।
परंतु साझेदारी के काम में हानि की संभावना नजर आ रही है।
दांपत्य संबंधों में दरार पड़ सकती है इस पर विशेष ध्यान दें।
कार्य परिवर्तन की इच्छा बनेगी, परंतु यह परिवर्तन तकलीफदायक रहेगा।
उपाय

घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर सुबह-शाम ऊं नमो भगवते वासुदेवाय: नम: की पांच माला जाप करें।
कुष्ठ रोगियों को श्रद्धानुसार चावल का दान दें।
वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग लाभदायक रहेगा।
अनुकूल कारोबारी संबंध बनेंगे।
आयात-निर्यात की स्थिति में सुदृढ़ता आएगी।
पारिवारिक रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी।
धन लाभ के स्रोत बढ़ेंगे।
इन दिनों में किया गया पूंजी निवेश अति अनुकूल व लाभकारी रहेगा।
उपाय

घर में चौमुखा चमेली के तेल का दीपक जलाकर श्रद्धानुसार हनुमान बाहुक एवं संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें।
हर मंगलवार को बूंदी के श्रद्धानुसार लड्डू गरीब कन्याओं में बांटें एवं लाल वस्त्रों का दान दें।
धनु राशि:-

धनु राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग सामान्य रहेगा।
किए गए परिश्रम अनुकूल फल देंगे।
रोजगार संबंधी समस्याओं का निवारण होगा।
लेन-देन के मसले निपटेंगे।
परंतु संतान पक्ष को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ेगी।
उपाय


घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर सुबह-शाम विष्णु सहस्रनाम का पांच पाठ करें।
गाय को हल्दी में रंगे हुए पीले आलू खिलाना लाभकारी रहेगा।
मकर राशि:-

मकर राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग अनुकूल और लाभदायक रहेगा।
साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी।
अनावश्यक कारोबारी समस्याओं का निवारण होगा।
मनोनुकूल कार्य बनेंगे।
कारोबार में धन लाभ की स्थिति अनुकूल रहेगी।
पारिवारिक वातावरण सकून भरा रहेगा।
अकस्मात धन के साधन उपलब्ध होंगे।
उपाय

घर में सुबह-शाम सरसों के तेल का दीपक जलाकर दशरथकृत शनि स्तोत्र का सात बार पाठ करें।
मिट्टी के बरतन में मशरुम भरकर चुपचाप मंदिर में रखकर आ जाए।
कुंभ राशि:-

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग थोड़ा सा सावधानी का है।
कारोबार में विशेष ध्यान देना होगा।
पारिवारिक जिम्मेदारियां एवं रिश्तों की कद्र करनी होगी।
नए पूंजी निवेश से बचना होगा।
संभव हो तो लंबी यात्रा पर न जाए।
परंतु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निवारण होगा।
गुजारे लायक धन की प्राप्ति होती रहेगी।
उपाय

1. हर रोज घर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर सुबह-शाम शनि मृत्युंजय स्तोत्र एवं शनि कवच का एक-एक पाठ करें।
2. श्रद्धानुसार साबुत उड़द कुष्ठ रोगी या गौशाला में दान दें।
मीन राशि:-

मीन राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का षडाष्टक योग सुखद रहेगा।
किए गए प्रयास सफल होंगे।
नवीन कार्य योजनाएं बनेगी।
व्यवसाय में अनुकूल सफलता हासिल होगी।
साझेदारी कार्य में लाभ होगा।
दांपत्य जीवन में अनुकूलता आएगी।
उपाय

घर में चौमुखा घी का दीपक जलाकर पुरुष सूक्त या श्रीसूक्त का पाठ करें या सदाचारी ब्राह्मण से सुनें।
चने की दाल या बेसन के लड्डू श्रद्धानुसार गाय को खिलाएं।

Wednesday, 31 March 2010

“AMAZING IS A GRACE OF GURU WHICH GIVES SPIRITUAL REVELATION AND ENLIGHTENS OUR SOUL.”

A Graceful eye of Guru fills the heart of disciple with that brilliant radiance which brings the mystery of this universe in his grip. It’s well versed:

Guru prem ka ank pdaye diya,Aab padne mien kuch nahi baki.

Bavan chirag jalaye diya,Pat kholi mahal mai ley jhanki

Char ved to pasaye takhat lage,Sucham ved upar aasan ja ki

Kahe kabir ik nor seti,Sarfraj hua banda khaki.

It says,

When devotee fully engrosses himself in service of guru’s lotus feet under his protection, then his heart and soul get absorbed!

When his heart immerses in the education and initiations taught by Guru Dev, then it reveals the clear vision about the secret of four Hindu Vedas!

The entity of devotee dissolves with the supreme element of this universe!

This is a reason why all saint, sages and scriptures sing Guru Mahima i.e. The glory of Guru and illustrate the importance of service and discourses of Guru.

Inference from Book: ‘Lali Mere Lal Ki Jit Dekhoo Tit Lal’

GURU DARBAR

Hkwyks dks jkg fn[kk ns] jkg ij pyuk fl[kk ns ] eqf’dy esa jgs lnk lkFk ] fQj Hkh u le>s xq# vuqdaik] rks Hkwy gS gekjh A

Shows the path to the lost one’s, teaches to follow the path, helps to access through difficulties still we don’t learn about GRACE OF GURU then we are at fault !

u HkVduk tkuus esa xq# ds fujkys ksyh tc cjlk;s A

Don’t try to learn means and ways of Guru when, how and why? You just learn to open your alms bags, when Guru showers bountiful of grace!

dc vk tk;s ] dgka vk tk;s] dSls vk tk;s] fdldks gS irk \

tks igpku tk;s ekuks rj tk;s A

When does appear, where does appear, how does appear? No one is aware of! Those who identify understand the presence of supreme divine.

We are the part of universal supreme ‘THE DIVINE LIGHT’ which is dispersed in each entity of universe.

ü To learn and know more about read book written by Guruji :

[kqyk vkea=.k ] An awakening Call to Eternal Bliss

GURU DARBAR

Hkwyks dks jkg fn[kk ns] jkg ij pyuk fl[kk ns ] eqf’dy esa jgs lnk lkFk ] fQj Hkh u le>s xq# vuqdaik] rks Hkwy gS gekjh A

Shows the path to the lost one’s, teaches to follow the path, helps to access through difficulties still we don’t learn about GRACE OF GURU then we are at fault !

u HkVduk tkuus esa xq# ds fujkys ksyh tc cjlk;s A

Don’t try to learn means and ways of Guru when, how and why? You just learn to open your alms bags, when Guru showers bountiful of grace!

dc vk tk;s ] dgka vk tk;s] dSls vk tk;s] fdldks gS irk \

tks igpku tk;s ekuks rj tk;s A

When does appear, where does appear, how does appear? No one is aware of! Those who identify understand the presence of supreme divine.

We are the part of universal supreme ‘THE DIVINE LIGHT’ which is dispersed in each entity of universe.

ü To learn and know more about read book written by Guruji :

[kqyk vkea=.k ] An awakening Call to Eternal Bliss

देर रात पूर्ण आहुति से संम्पन हुआ नवरात्री का मंत्र साधना अनुष्ठान

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